अक्सर जब लोगों से पूछो — “क्या हाल है?”

अक्सर जब लोगों से पूछो — “क्या हाल है?”तो जवाब आता है — “सब ठीक है…” पर मैं सोचता हूँ,इस “सब ठीक है” के पीछेकितने दर्द चुप बैठे होंगे,कितनी रातें बिना नींद के कटी होंगी। कितनी बार खुद को समझाया…

अक्सर जब लोगों से पूछो — “क्या हाल है?”तो जवाब आता है — “सब ठीक है…” पर मैं सोचता हूँ,इस “सब ठीक है” के पीछेकितने दर्द चुप बैठे होंगे,कितनी रातें बिना नींद के कटी होंगी। कितनी बार खुद को समझाया…

ज़िंदगी के बाज़ार में हर कोई कुछ न कुछ कमा रहा होता है…लेकिन कुछ लोग सिर्फ पैसे ही नहीं, घमंड भी इकट्ठा करते हैं… कभी-कभी ज़िंदगी एक सवाल पूछकर चली जाती है…और कुछ लोग जवाब में अपनी असली सोच दिखा…

लोग आते हैं,फिर चले जाते हैं। धीरे-धीरेवक़्त मोह, प्रेम, मृत्युसभी को पीछे ले जाता है। हमसे कहते हैं—“ज़िंदगी छोटी है, खुश रहो।”पर हम अपने उसूलकहां छोड़ पाते हैं? हम उन्हीं उसूलों मेंइतना डूब जाते हैंकि खुशियों का रास्तायाद ही नहीं…

पहाड़ खड़ा था सदियों से,थोड़ा शांत… थोड़ा गंभीर।चोटियों पर बर्फ़ थी,पर दिल में एक इंतज़ार धीर-धीरे जलता था। नदी दूर कहीं से बहकर आती,हवाओं में हँसी बिखेरती,पत्थरों से खेलती,और पहाड़ के पैरों में हरियाली उगा जाती। वो आती तो पहाड़…

“समय हर समय एक-सा नहीं रहता,किसी के लिए नहीं… मेरे लिए भी नहीं।कभी था मैं वैसा, जैसा सबको भाता,अब बदल गया हूँ — शायद ज़रूरत थी यही। बदला हुआ इंसान ख़त्म नहीं होता,वो बस एक नया रूप लेकर जीता है,बीते…
“प्रेम का बीज” अगर एक बीज सही जगह गिर जाए,तो वह स्वयं ही अंकुरित हो जाता है।धीरे-धीरे वह एक वृक्ष बनता है —प्रकृति उसे अपने आँचल में पालती है।फिर वह यह नहीं देखती किवह बाग़ में है, जंगल में है,…

मौन ध्वनि की अनुपस्थिति नहीं है-यह अनकही हर चीज़ की उपस्थिति है।यह शब्द से पहले की सांस है,तूफ़ान से पहले की शांति,तारों के जन्म के बीच का विराम। मौन ब्रह्माण्ड की मूल भाषा है।शब्द होने से पहले शांति थी।आवाज़ होने…

उसने कहा कि जरूरी नहीं ना। की जो लोग प्यार करे, वो शादी भी कर पाएं। कितने सारे लोगों के साथ इस समाज की सोच की वजह से ये सब होता आ रहा है। तो बस हम भी एक अलग…
हो ख्वाहिश गर जीने की तो जीना। हो ताकत काबिल बनने की तो बनना। रह लेंगे हम जैसे तैसे तू अपना वक्त बदलना। जाना पड़े गर कभी छोड़कर हमे तो जाना। मगर बस वही से दो बातें कर लिया करना।…

इस दुनिया की सबसे बड़ी मनोवैज्ञानिक होती है माँ RITURAJ SHARMA