शायद में अपनी औकात भूल गया।
शायद में अपनी औकात भूल गया।में अपने होने का अंदाज भूल गया।ज्यादा उम्मीदों के चक्कर में,में अपने पुराने साल भूल गया।शायद में अपनी औकात भूल गया।क्यों कोशिश की तुझे मनाने की,अपनी औकात से बहार जाने की।शायद में अपने वक्त की…
शायद में अपनी औकात भूल गया।में अपने होने का अंदाज भूल गया।ज्यादा उम्मीदों के चक्कर में,में अपने पुराने साल भूल गया।शायद में अपनी औकात भूल गया।क्यों कोशिश की तुझे मनाने की,अपनी औकात से बहार जाने की।शायद में अपने वक्त की…

ये जीवन एक कहानी है,हम हमारे पुरखो की निशानी है।जिन्हे पता नहीं खुद का, उन्हें बता देता हु में।उनके किये कर्मो का फल है हम,और अब हमारे कर्मो की बारी है।ये जीवन एक कहानी है।सोचो हमारे कर्मो का फल क्या…