
डर या फ़ैसले कभी-कभी कुछ फैसलेहम अपनी चाहत से नहीं,अपने डर की वजह से कर लेते हैं… और फिर उसी डर की कीमतहमें आज नहीं तो कलज़रूर चुकानी पड़ती है। डर कहता है—“मत बढ़ो, कहीं हार गए तो?”और ज़िंदगी पूछती…

डर या फ़ैसले कभी-कभी कुछ फैसलेहम अपनी चाहत से नहीं,अपने डर की वजह से कर लेते हैं… और फिर उसी डर की कीमतहमें आज नहीं तो कलज़रूर चुकानी पड़ती है। डर कहता है—“मत बढ़ो, कहीं हार गए तो?”और ज़िंदगी पूछती…

“समय हर समय एक-सा नहीं रहता,किसी के लिए नहीं… मेरे लिए भी नहीं।कभी था मैं वैसा, जैसा सबको भाता,अब बदल गया हूँ — शायद ज़रूरत थी यही। बदला हुआ इंसान ख़त्म नहीं होता,वो बस एक नया रूप लेकर जीता है,बीते…
अकड़ और संस्कार एक दुकानदार था जिसे अपने व्यापार पर बहुत घमंड था।दुकान पर जो भी ग्राहक आता, वह उनसे अकड़ भरे लहज़े में ही बात करता। एक दिन एक बुज़ुर्ग उसकी दुकान पर आए। दुकानदार ने उनसे भी उसी…
भगवान से हम वही माँगते हैं।जिसकी कमी हम महसुस करते हैं। लेकिन जो मिला,उसका हम उन्हें कभी धन्यवाद नहीं देते।हम बस कहते तो है,की जो हो रहा है। ऊपर वाले जी मर्जी से हो रहा है।लेकिन हम उसकी मर्जी पर…

जिस तरह एक वृक्ष को वृक्ष बनने में कई साल लग जाते है।उसी तरह एक पिता को पिता बनने में भी कई साल लग जाते है।जिस तरह एक वृक्ष को वृक्ष बनने के लिए प्रकृति के आंधी तूफानों से लड़ना…
उसने कहा कि जरूरी नहीं ना। की जो लोग प्यार करे, वो शादी भी कर पाएं।कितने सारे लोगों के साथ इस समाज की सोच की वजह से ये सब होता आ रहा है।तो बस हम भी एक अलग तरह से…

जानवर हमेशा बेजुबान होते हैं। और हम उनकी इसी बेजुबानी का फायदा इस तरह उठाने लगते हैं कि वो बस सहते रहते हैं। सहते रहते हैं। एक बार एक इंसान को घोड़े पालने का बहुत शौक था। उसके पास 7…

बार एक किसान था, वह हमेशा अपने खेत जोतता और भगवान से प्रार्थना करता कि है भगवान खेत जोत दिया है, बारिश कर देना।गांव में बारिश हो जाती और सभी की अच्छी फसल होती। पूरा गांव खुश रहता। यह सब…

जब वो छत पर चढ़ कर चिल्ला रहा था।मुझे बचा लो।मुझे बचा लो।में मर रहा हूं।तब उसे बचाने के लिए हजारों की भीड़ जमा थी,नीचे।जब वो यही बात, एक-एक कर सबको बोल रहा था।मुझे बचा लो।मुझे बचा लो।में मर रहा…

हमारा मस्तिश्क एक कल्पवृक्ष के समान है।जिसका हम हमारे आत्मविश्वास ओर विचारो के आधार पर प्रयोग करते हैं।हमारी सभी प्रक्रिया पहले हमारे मस्तिश्क में आती है।जिन्हे हम विचारो का रूप देते हैं।फिर हम उस प्रक्रिया के बारे में सोचते हैं।…