लोग आते हैं,फिर चले जाते हैं।

लोग आते हैं,फिर चले जाते हैं। धीरे-धीरेवक़्त मोह, प्रेम, मृत्युसभी को पीछे ले जाता है। हमसे कहते हैं—“ज़िंदगी छोटी है, खुश रहो।”पर हम अपने उसूलकहां छोड़ पाते हैं? हम उन्हीं उसूलों मेंइतना डूब जाते हैंकि खुशियों का रास्तायाद ही नहीं…



