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“समय और मैं”

“समय हर समय एक-सा नहीं रहता,किसी के लिए नहीं… मेरे लिए भी नहीं।कभी था मैं वैसा, जैसा सबको भाता,अब बदल गया हूँ — शायद ज़रूरत थी यही। बदला हुआ इंसान ख़त्म नहीं होता,वो बस एक नया रूप लेकर जीता है,बीते…

घमंड और संस्कार

अकड़ और संस्कार एक दुकानदार था जिसे अपने व्यापार पर बहुत घमंड था।दुकान पर जो भी ग्राहक आता, वह उनसे अकड़ भरे लहज़े में ही बात करता। एक दिन एक बुज़ुर्ग उसकी दुकान पर आए। दुकानदार ने उनसे भी उसी…

जिसकी कमी हम महसुस करते हैं।

भगवान से हम वही माँगते हैं।जिसकी कमी हम महसुस करते हैं। लेकिन जो मिला,उसका हम उन्हें कभी धन्यवाद नहीं देते।हम बस कहते तो है,की जो हो रहा है। ऊपर वाले जी मर्जी से हो रहा है।लेकिन हम उसकी मर्जी पर…

वृक्ष को वृक्ष बनने में कई साल लग जाते है।

जिस तरह एक वृक्ष को वृक्ष बनने में कई साल लग जाते है।उसी तरह एक पिता को पिता बनने में भी कई साल लग जाते है।जिस तरह एक वृक्ष को वृक्ष बनने के लिए प्रकृति के आंधी तूफानों से लड़ना…

जरूरी नहीं जो लोग प्यार करे, वो शादी भी कर पाएं।

उसने कहा कि जरूरी नहीं ना। की जो लोग प्यार करे, वो शादी भी कर पाएं।कितने सारे लोगों के साथ इस समाज की सोच की वजह से ये सब होता आ रहा है।तो बस हम भी एक अलग तरह से…

कर्म और लक्ष्य

जानवर हमेशा बेजुबान होते हैं। और हम उनकी इसी बेजुबानी का फायदा इस तरह उठाने लगते हैं कि वो बस सहते रहते हैं। सहते रहते हैं। एक बार एक इंसान को घोड़े पालने का बहुत शौक था। उसके पास 7…

ईश्वर और भरोसा

बार एक किसान था, वह हमेशा अपने खेत जोतता और भगवान से प्रार्थना करता कि है भगवान खेत जोत दिया है, बारिश कर देना।गांव में बारिश हो जाती और सभी की अच्छी फसल होती। पूरा गांव खुश रहता। यह सब…

मौन ओर श्मशान।

जब वो छत पर चढ़ कर चिल्ला रहा था।मुझे बचा लो।मुझे बचा लो।में मर रहा हूं।तब उसे बचाने के लिए हजारों की भीड़ जमा थी,नीचे।जब वो यही बात, एक-एक कर सबको बोल रहा था।मुझे बचा लो।मुझे बचा लो।में मर रहा…

मन ओर मस्तिश्क

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हमारा मस्तिश्क एक कल्पवृक्ष के समान है।जिसका हम हमारे आत्मविश्वास ओर विचारो के आधार पर प्रयोग करते हैं।हमारी सभी प्रक्रिया पहले हमारे मस्तिश्क में आती है।जिन्हे हम विचारो का रूप देते हैं।फिर हम उस प्रक्रिया के बारे में सोचते हैं।…

विश्वास और जीवन

हमारी पूरी जिंदगी विश्वास ओर आत्मशक्ति पर टिकी होती है। जहां हमारा विश्वास होता है वहां हम खुश रहकर आगे बढ़ते हैं। विश्वास का होना हमारी पूरी जिंदगी बदल सकता है। हमें आगे की जिंदगी खुश रहने के लिए प्रेरित करती है।

जब हम एक विश्वास के आधार पर किसी काम को पूरा करने का निर्णय लेते हैं। तो वो पूरा होता ही है. बस हमारे मन या मस्ती को हमारी इच्छाओ को हमारी अंतरात्मा की शक्ति बनाना होता है। विश्वास हमारा मन पैदा करता है और मस्तिश्क हमारे काम को पूरा करने की कला सिखाता है।हमारा मन जिसे हम हमारे आस पास के परिवर्तन से हमारे अंदर जन्म देते हैं।

ओर जब हम सच्चे मन से खुद को विश्वास दिलाते हैं। फिर चाहे किसी काम को पूरा करने की ललक हो या किसी मंजिल तक पहुंचने की जिद ये सब हमारे हमारे विश्वास पर निर्भर करता है। हमारा जुनून पर निर्भर करता है। ब्रह्माण्ड एक आदर्श शक्ति है. जो हमें आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करता है।ओर हमें आगे का रास्ता दिखता है।

एक बच्चे का जन्म भी दो लोगो के विश्वास या इस ब्रह्माण्ड की शक्ति से होता है।

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