मन ओर मस्तिश्क

हमारा मस्तिश्क एक कल्पवृक्ष के समान है।जिसका हम हमारे आत्मविश्वास ओर विचारो के आधार पर प्रयोग करते हैं।हमारी सभी प्रक्रिया पहले हमारे मस्तिश्क में आती है।जिन्हे हम विचारो का रूप देते हैं।फिर हम उस प्रक्रिया के बारे में सोचते हैं।…

हमारा मस्तिश्क एक कल्पवृक्ष के समान है।जिसका हम हमारे आत्मविश्वास ओर विचारो के आधार पर प्रयोग करते हैं।हमारी सभी प्रक्रिया पहले हमारे मस्तिश्क में आती है।जिन्हे हम विचारो का रूप देते हैं।फिर हम उस प्रक्रिया के बारे में सोचते हैं।…

हमारी पूरी जिंदगी विश्वास ओर आत्मशक्ति पर टिकी होती है। जहां हमारा विश्वास होता है वहां हम खुश रहकर आगे बढ़ते हैं। विश्वास का होना हमारी पूरी जिंदगी बदल सकता है। हमें आगे की जिंदगी खुश रहने के लिए प्रेरित करती है।
जब हम एक विश्वास के आधार पर किसी काम को पूरा करने का निर्णय लेते हैं। तो वो पूरा होता ही है. बस हमारे मन या मस्ती को हमारी इच्छाओ को हमारी अंतरात्मा की शक्ति बनाना होता है। विश्वास हमारा मन पैदा करता है और मस्तिश्क हमारे काम को पूरा करने की कला सिखाता है।हमारा मन जिसे हम हमारे आस पास के परिवर्तन से हमारे अंदर जन्म देते हैं।
ओर जब हम सच्चे मन से खुद को विश्वास दिलाते हैं। फिर चाहे किसी काम को पूरा करने की ललक हो या किसी मंजिल तक पहुंचने की जिद ये सब हमारे हमारे विश्वास पर निर्भर करता है। हमारा जुनून पर निर्भर करता है। ब्रह्माण्ड एक आदर्श शक्ति है. जो हमें आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करता है।ओर हमें आगे का रास्ता दिखता है।
एक बच्चे का जन्म भी दो लोगो के विश्वास या इस ब्रह्माण्ड की शक्ति से होता है।

हमे हमारी परेशानिया ये ना सिखाया पाये।कि जीवन में महत्वपूर्ण क्या है।सही क्या है.गलत क्या है।तो समझना कि अभी लाइफ से बहुत कुछ सीखना बाकी है। अक्सर लाइफ में हमें छोटी छोटी चीजें स्वीकार करनी पड़ती हैं। और आगे बढ़ना…

दीवारो के भी कान होते है।ये शब्द हमने लोगो से बहुत बार सुना है। “धीरे बोलो कोई सुन लेगा आजकल दीवारो के भी कान होते है।”इसलिये ये बिलकुल सत्य कहा है। क्यूकी हम जो भी शब्द किसी को कहते है।चाहे…

इस दुनिया की सबसे बड़ी मनोवैज्ञानिक होती है माँ RITURAJ SHARMA
भरोसा कांच की तरह होता है। जिस दिन वो टूटता है। बहुत जोर से आवाज करता है । क्योंकि सबको डर होता है जब तक ये पूरा था । सबको उसकी असलियत तो बताता था । मगर आज टूटा तो…

दोनों की उम्मीदों ने उन्हें अपने चक्रव्यूह में बांध लिया था।उन्हें लगता था। दोनों में से कोई भी एक दूसरे को कभी छोड़कर नहीं जायेगा। वो दोनों और उनकी खुशियां हमेशा एक साथ रहेंगी।लेकिन एक दिन उनकी उम्मीदों का चक्रव्यूह…

तुम्हें लगता है तुम्हें कोई देख नहीं रहा जो मन होगा करते जाओगे।मगर शायद तुम भूल गये कि भगवान सब देख रहे हैं।वो देख रहे है कि तुम्हें क्या करने भेजा था और क्या कर रहे हो।तुम्हें खुशियों के साथ…

किसी के अंतर्मन का संघर्ष उसकी भावनाओं से पूछो।उसके दिखावे की मुस्कुराहट से पूछो।पूछो उसके एकांत से। पूछो उसके बलिदान से।जो मुस्कुराता तो है।मगर किसी और के लिए।

हमारी मानसिक स्थिति और भावनाएं हमारे अंदर जमी होती हैं और ये हमारे जीवन को बहुत गहराई तक प्रभावित कर सकती हैं। हमारी यादों और अनुभवों को एक लाइब्रेरी की तरह सोचना बहुत ही रूचिकर है। हमें खुश रहने के…