जिसकी कमी हम महसुस करते हैं।
भगवान से हम वही माँगते हैं।जिसकी कमी हम महसुस करते हैं। लेकिन जो मिला,उसका हम उन्हें कभी धन्यवाद नहीं देते।हम बस कहते तो है,की जो हो रहा है। ऊपर वाले जी मर्जी से हो रहा है।लेकिन हम उसकी मर्जी पर…
भगवान से हम वही माँगते हैं।जिसकी कमी हम महसुस करते हैं। लेकिन जो मिला,उसका हम उन्हें कभी धन्यवाद नहीं देते।हम बस कहते तो है,की जो हो रहा है। ऊपर वाले जी मर्जी से हो रहा है।लेकिन हम उसकी मर्जी पर…

जिस तरह एक वृक्ष को वृक्ष बनने में कई साल लग जाते है।उसी तरह एक पिता को पिता बनने में भी कई साल लग जाते है।जिस तरह एक वृक्ष को वृक्ष बनने के लिए प्रकृति के आंधी तूफानों से लड़ना…

मौन ध्वनि की अनुपस्थिति नहीं है-यह अनकही हर चीज़ की उपस्थिति है।यह शब्द से पहले की सांस है,तूफ़ान से पहले की शांति,तारों के जन्म के बीच का विराम। मौन ब्रह्माण्ड की मूल भाषा है।शब्द होने से पहले शांति थी।आवाज़ होने…

उसने कहा कि जरूरी नहीं ना। की जो लोग प्यार करे, वो शादी भी कर पाएं। कितने सारे लोगों के साथ इस समाज की सोच की वजह से ये सब होता आ रहा है। तो बस हम भी एक अलग…
उसने कहा कि जरूरी नहीं ना। की जो लोग प्यार करे, वो शादी भी कर पाएं।कितने सारे लोगों के साथ इस समाज की सोच की वजह से ये सब होता आ रहा है।तो बस हम भी एक अलग तरह से…


जानवर हमेशा बेजुबान होते हैं। और हम उनकी इसी बेजुबानी का फायदा इस तरह उठाने लगते हैं कि वो बस सहते रहते हैं। सहते रहते हैं। एक बार एक इंसान को घोड़े पालने का बहुत शौक था। उसके पास 7…

बार एक किसान था, वह हमेशा अपने खेत जोतता और भगवान से प्रार्थना करता कि है भगवान खेत जोत दिया है, बारिश कर देना।गांव में बारिश हो जाती और सभी की अच्छी फसल होती। पूरा गांव खुश रहता। यह सब…

जब वो छत पर चढ़ कर चिल्ला रहा था।मुझे बचा लो।मुझे बचा लो।में मर रहा हूं।तब उसे बचाने के लिए हजारों की भीड़ जमा थी,नीचे।जब वो यही बात, एक-एक कर सबको बोल रहा था।मुझे बचा लो।मुझे बचा लो।में मर रहा…
हो ख्वाहिश गर जीने की तो जीना। हो ताकत काबिल बनने की तो बनना। रह लेंगे हम जैसे तैसे तू अपना वक्त बदलना। जाना पड़े गर कभी छोड़कर हमे तो जाना। मगर बस वही से दो बातें कर लिया करना।…