मौन ब्रह्माण्ड की भाषा है।

मौन ध्वनि की अनुपस्थिति नहीं है-यह अनकही हर चीज़ की उपस्थिति है।यह शब्द से पहले की सांस है,तूफ़ान से पहले की शांति,तारों के जन्म के बीच का विराम। मौन ब्रह्माण्ड की मूल भाषा है।शब्द होने से पहले शांति थी।आवाज़ होने…

मौन ध्वनि की अनुपस्थिति नहीं है-यह अनकही हर चीज़ की उपस्थिति है।यह शब्द से पहले की सांस है,तूफ़ान से पहले की शांति,तारों के जन्म के बीच का विराम। मौन ब्रह्माण्ड की मूल भाषा है।शब्द होने से पहले शांति थी।आवाज़ होने…

उसने कहा कि जरूरी नहीं ना। की जो लोग प्यार करे, वो शादी भी कर पाएं। कितने सारे लोगों के साथ इस समाज की सोच की वजह से ये सब होता आ रहा है। तो बस हम भी एक अलग…
उसने कहा कि जरूरी नहीं ना। की जो लोग प्यार करे, वो शादी भी कर पाएं।कितने सारे लोगों के साथ इस समाज की सोच की वजह से ये सब होता आ रहा है।तो बस हम भी एक अलग तरह से…


जानवर हमेशा बेजुबान होते हैं। और हम उनकी इसी बेजुबानी का फायदा इस तरह उठाने लगते हैं कि वो बस सहते रहते हैं। सहते रहते हैं। एक बार एक इंसान को घोड़े पालने का बहुत शौक था। उसके पास 7…

बार एक किसान था, वह हमेशा अपने खेत जोतता और भगवान से प्रार्थना करता कि है भगवान खेत जोत दिया है, बारिश कर देना।गांव में बारिश हो जाती और सभी की अच्छी फसल होती। पूरा गांव खुश रहता। यह सब…

जब वो छत पर चढ़ कर चिल्ला रहा था।मुझे बचा लो।मुझे बचा लो।में मर रहा हूं।तब उसे बचाने के लिए हजारों की भीड़ जमा थी,नीचे।जब वो यही बात, एक-एक कर सबको बोल रहा था।मुझे बचा लो।मुझे बचा लो।में मर रहा…
हो ख्वाहिश गर जीने की तो जीना। हो ताकत काबिल बनने की तो बनना। रह लेंगे हम जैसे तैसे तू अपना वक्त बदलना। जाना पड़े गर कभी छोड़कर हमे तो जाना। मगर बस वही से दो बातें कर लिया करना।…

हमारा मस्तिश्क एक कल्पवृक्ष के समान है।जिसका हम हमारे आत्मविश्वास ओर विचारो के आधार पर प्रयोग करते हैं।हमारी सभी प्रक्रिया पहले हमारे मस्तिश्क में आती है।जिन्हे हम विचारो का रूप देते हैं।फिर हम उस प्रक्रिया के बारे में सोचते हैं।…

हमारी पूरी जिंदगी विश्वास ओर आत्मशक्ति पर टिकी होती है। जहां हमारा विश्वास होता है वहां हम खुश रहकर आगे बढ़ते हैं। विश्वास का होना हमारी पूरी जिंदगी बदल सकता है। हमें आगे की जिंदगी खुश रहने के लिए प्रेरित करती है।
जब हम एक विश्वास के आधार पर किसी काम को पूरा करने का निर्णय लेते हैं। तो वो पूरा होता ही है. बस हमारे मन या मस्ती को हमारी इच्छाओ को हमारी अंतरात्मा की शक्ति बनाना होता है। विश्वास हमारा मन पैदा करता है और मस्तिश्क हमारे काम को पूरा करने की कला सिखाता है।हमारा मन जिसे हम हमारे आस पास के परिवर्तन से हमारे अंदर जन्म देते हैं।
ओर जब हम सच्चे मन से खुद को विश्वास दिलाते हैं। फिर चाहे किसी काम को पूरा करने की ललक हो या किसी मंजिल तक पहुंचने की जिद ये सब हमारे हमारे विश्वास पर निर्भर करता है। हमारा जुनून पर निर्भर करता है। ब्रह्माण्ड एक आदर्श शक्ति है. जो हमें आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करता है।ओर हमें आगे का रास्ता दिखता है।
एक बच्चे का जन्म भी दो लोगो के विश्वास या इस ब्रह्माण्ड की शक्ति से होता है।