जो लोग प्यार करे, वो शादी भी कर पाएं।

उसने कहा कि जरूरी नहीं ना। की जो लोग प्यार करे, वो शादी भी कर पाएं।

कितने सारे लोगों के साथ इस समाज की सोच की वजह से ये सब होता आ रहा है।

तो बस हम भी एक अलग तरह से इस रिश्ते को निभाएंगे।

बताएंगे लोगो को, की इतना सब होने के बाद भी हम साथ है।

वो चुप रहा और फिर थोड़ा रुककर बोला। की तुम रह लोगी मेरे बिना।

वो फिर बोली कर लूंगी न adjust सभी तरह के लोग होते है ना।

वैसे भी मेरा सुबह का समय तो काम में ही निकल जाएगा।

पूरा दिन अकेले ही तो रहना है।

ओर बस फिर रात के 3-4 घंटे ही तो साथ रहना पड़ेगा न मुझे।कर लूंगी न में adjust जैसे भी होगा।

उसकी बाते सुनकर लगा कि एक संस्कारों में बड़ी हुई लड़की कैसे इस समाज का सीमित दायरा बन जाती है।

शायद वो कभी अपने लिए जीती ही नहीं,वो जीती है।

एक झूठे अभिमान ओर कुछ चंद दिनों के मेहमानों के लिए।

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